School Road Liquor Shop : स्कूल के रास्ते में शराब दुकान, नौनिहालों के भविष्य पर ‘सरकारी मधुशाला’ का ग्रहण!
Sarangarh Bilaigarh News : एक तरफ सरकारें मंचों (School Road Liquor Shop) से ऊंचे सुर में ‘नशामुक्त समाज’ का खोखला नारा बुलंद करती हैं, तो दूसरी तरफ ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘सुरक्षित बचपन’ के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं।
लेकिन अगर सरकार और आबकारी विभाग के इन दावों की असली और शर्मनाक हकीकत देखनी हो, तो छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड के ग्राम डोंगरीपाली चले आइए। यहां मुख्य मार्ग पर फल-फूल रही सरकारी शराब दुकान ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासन के लिए मासूम बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से ज्यादा ज़रूरी शराब से आने वाला राजस्व है।
हैरानी और घोर लापरवाही की बात यह है कि जिस रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों मासूम छात्र-छात्राएं हाथों में कॉपियां-किताबें थामे, आंखों में बेहतर भविष्य का सपना लिए स्कूल आते-जाते हैं, ठीक उसी रास्ते पर यह शराब दुकान (School Road Liquor Shop) संचालित हो रही है।
स्कूल जाने वाले इन मासूमों को रोज़ शराबियों की गंदी गालियों, अश्लील हरकतों और हिंसक विवादों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इस संवेदनशील और खौफनाक माहौल के बावजूद ज़िला प्रशासन और आबकारी विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है और किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है।
दिनभर असामाजिक तत्वों का डेरा
इस गंभीर और बदतर होती स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य सहोद्रा सिदार ने ग्रामीणों की तरफ से मोर्चा संभाला है। उन्होंने इस जनविरोधी कृत्य के खिलाफ सीधे कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था पर कड़े सवाल दागे हैं। ज्ञापन में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि इस शराब दुकान (School Road Liquor Shop) के आसपास सुबह से लेकर देर रात तक पियक्कड़ों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
शराब के नशे में धुत लोग सरेराह गाली-गलौज, मारपीट और हंगामा करते हैं। इस रास्ते से गुजरने वाली छात्राओं और महिलाओं को हर पल अपनी सुरक्षा का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सब कुछ जानते हुए भी प्रशासन का मूकदर्शक बने रहना उसकी संदेहास्पद कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
School Road Liquor Shop शिक्षा के मंदिर पर भारी पड़ती ‘मधुशाला’
ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। क्षेत्रवासियों ने तीखा सवाल उठाया है कि आखिर किस कानून के तहत और किसकी शह पर बच्चों के स्कूल जाने वाले मुख्य मार्ग पर शराब दुकान खोलने की अनुमति दी गई? क्या आबकारी विभाग के नियमों में स्कूल और धार्मिक स्थलों से दूरी का पैमाना सिर्फ कागजों तक सीमित है? एक तरफ देश के भविष्य को गढ़ने की बात होती है और दूसरी तरफ उन्हें बचपन से ही नशे के इस गंदे माहौल में धकेला जा रहा है।
(School Road Liquor Shop) उग्र जनआंदोलन की चेतावनी
जिला पंचायत सदस्य सहोद्रा सिदार और ग्राम डोंगरीपाली के आक्रोशित नागरिकों ने प्रशासन को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस शराब दुकान (School Road Liquor Shop) को स्कूल मार्ग से हटाकर किसी अन्य निर्जन या उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगी।
चक्काजाम, तालाबंदी और उग्र जनआंदोलन की पूरी ज़िम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ ज़िला प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ का प्रशासन मासूम बच्चों की सुरक्षा और उनके सम्मान को प्राथमिकता देता है या फिर शराब माफियाओं के हितों की रक्षा करता रहता है।