Dhan Ropai News : झमाझम बारिश से धान रोपाई तेज, डीएपी की किल्लत से किसान परेशान
कुछ दिन के मानसून ब्रेक के बाद प्रदेश में हो रही लगातार बारिश (Dhan Ropai News) के बाद किसानों के चेहरों पर फिर मुस्कान लौट आई है। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से खेतों में पर्याप्त पानी भर गया, जिससे धान की रोपाई ने रफ्तार पकड़ ली है। लंबे इंतजार के बाद अनुकूल मौसम मिलने से किसान खेती-किसानी में जुट गए हैं, हालांकि डीएपी खाद की कमी अब भी उनकी बड़ी चिंता बनी हुई है।
बारिश से खेतों में लौटी रौनक Dhan Ropai News
पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड और तहसील सरिया के साथ आसपास के गांवों में कहीं मध्यम तो कहीं झमाझम बारिश हुई। सुबह हुई तेज बारिश और दिनभर रिमझिम फुहारों के बाद शाम करीब 4:30 बजे फिर अच्छी बारिश हुई। इससे खेतों में पानी की कमी दूर हो गई और रोपाई के लिए अनुकूल माहौल बन गया।
महिला मजदूरों ने संभाली रोपाई की कमान
बारिश (Dhan Ropai News) के बाद किसान ट्रैक्टरों में सिंगल केजव्हील और पडलर लगाकर खेतों की कीचड़ मताई करा रहे हैं। खेत तैयार होते ही 25 से 30 महिला मजदूरों के अलग-अलग दल धान के थरहा की रोपाई में जुट गए हैं। जिन किसानों के पास बोरपंप की सुविधा थी, उन्होंने पहले ही रोपाई शुरू कर दी थी, जबकि अब अधिकांश किसान भी खेतों में उतर चुके हैं।
कमजोर मानसून से पिछड़ी थी खेती
इस वर्ष मानसून (Dhan Ropai News) की धीमी शुरुआत के कारण खेती-किसानी का काम पिछड़ गया था। पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसान रोपाई शुरू नहीं कर पा रहे थे। अब लगातार बारिश के बाद रोपाई कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। किसानों का कहना है कि मौसम ने साथ दिया तो हरेली अमावस्या तक अधिकांश खेतों में रोपाई पूरी हो जाएगी।
बियासी के लिए करना होगा इंतजार
जुलाई के दूसरे सप्ताह में खुर्रा पद्धति से सीधी बुआई (Dhan Ropai News) करने वाले किसानों की फसल अभी पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी है। धान के पौधे करीब पांच इंच तक ही बढ़ पाए हैं और खेतों में बियासी के लिए पर्याप्त पानी नहीं है। ऐसे में किसानों को कुछ और दिनों तक अच्छी बारिश का इंतजार करना पड़ेगा। वहीं लाईचोपी पद्धति से धान की बुआई अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
डीएपी खाद की किल्लत बनी चिंता Dhan Ropai News
बारिश से खेती (Dhan Ropai News) की रफ्तार तो बढ़ी है, लेकिन डीएपी खाद की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। साल्हेओना के किसान मनबोध पटेल और दादरपाली के किसान जगतराम पटेल ने बताया कि सहकारी समितियों में मांग के अनुरूप डीएपी खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। पांच एकड़ जमीन वाले किसानों को केवल तीन बोरी डीएपी दी जा रही है। मजबूरी में किसानों को निजी व्यापारियों से महंगे दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है।