Mahatari Vandan Yojana : महतारी वंदन योजना की 29वीं किस्त जारी, 66 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचे 626.25 करोड़ रुपए
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना (Mahatari Vandan Yojana) के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से योजना की 29वीं किस्त जारी की। इस दौरान प्रदेश की 66 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपए की राशि सीधे अंतरित की गई। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना (Mahatari Vandan Yojana) महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुकी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपए सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का अभियान चल रहा है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे के दौरान महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना (Mahatari Vandan Yojana) की राशि से उन्होंने छोटे व्यवसाय शुरू किए, सिलाई-कढ़ाई जैसे स्वरोजगार अपनाए और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा घरेलू जरूरतों पर खर्च किया।
‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं से भी मिल रही मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लखपति दीदी सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मार्च 2024 से लागू है Mahatari Vandan Yojana
उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। इस योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण और एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।