Aamakoni Bridge News : 30 साल पुरिया पुलिया बनी जानलेवा, गड्ढों से बढ़ा हादसे का खतरा
ग्राम छोटे आमाकोनी (Aamakoni Bridge News) में करीब 30 साल पुरानी पुलिया अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण बन गई है। बरसात के मौसम में पुलिया की हालत और बिगड़ गई है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, ऊपरी सतह उखड़ चुकी है और दोनों किनारों की संरचना भी कमजोर पड़ने लगी है। ग्रामीण लंबे समय से नए पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
1992 में बना था पुल, अब जर्जर हालत में Aamakoni Bridge News
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1992 में अविभाजित मध्य प्रदेश शासन के दौरान छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला-गोबरसिंहा मार्ग पर छोटे आमाकोनी पहुंच मार्ग के लिए इस पुलिया का निर्माण कराया गया था। शुरुआती वर्षों में यह ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा साबित हुआ, लेकिन लगातार बारिश, पानी के दबाव और समय पर मरम्मत नहीं होने से इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। पिछले पांच वर्षों में पुलिया पर बने गड्ढे और चौड़े हो गए हैं, जिससे चारपहिया वाहनों को बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
धंसने का बढ़ा खतरा, हर दिन जोखिम भरा सफर
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया (Aamakoni Bridge News) के दोनों छोर के जॉइंट भी खोखले होने लगे हैं। बरसात के दिनों में पानी का दबाव बढ़ने से पुलिया के धंसने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में हर दिन इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को दुर्घटना का डर सताता है।
कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीण किरण कुमार पटेल ने बताया कि जर्जर पुलिया (Aamakoni Bridge News) की शिकायत ग्राम सुराज अभियान सहित कई मंचों पर की जा चुकी है। तत्कालीन रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह को भी सामूहिक ज्ञापन देकर नए पुल के निर्माण की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
स्कूल बसें गांव में नहीं आतीं Aamakoni Bridge News
पुलिया की खराब हालत का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। निजी स्कूलों की बसें अब गांव के भीतर प्रवेश नहीं करतीं। ग्रामीण दिलीप कुमार पटेल ने बताया कि अभिभावकों को रोज बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने जाना पड़ता है। वहीं जीत राम नौरंगे ने कहा कि कई बार प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पुलिया का सर्वे कराकर नए पुल के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।