CG Electricity Tariff Hike : बिजली बिल बढ़ोतरी पर पावर कंपनी का बड़ा दावा! किसानों पर शून्य बोझ
CG Electricity Tariff News 2026 : छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ी हुई दरों (CG Electricity Tariff Hike) को लेकर मचे सियासी घमासान और विपक्षी दल कांग्रेस के चौतरफा विरोध प्रदर्शनों के बीच अब छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) का बड़ा बयान सामने आया है। पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) भीम सिंह कंवर ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए टैरिफ संशोधन का राज्य के आम उपभोक्ताओं पर कोई बड़ा या दमनकारी बोझ नहीं पड़ने वाला है।
कंपनी के मुताबिक, प्रदेश के कुल 51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 41 लाख उपभोक्ताओं पर इस दर (CG Electricity Tariff Hike) संशोधन का प्रभाव ‘शून्य से लेकर महज 3.65 प्रतिशत’ तक ही सीमित रहेगा। इसके साथ ही, अन्नदाताओं (किसानों) पर भी इस मूल्य वृद्धि का एक रुपये का भी भार नहीं पड़ेगा, क्योंकि कृषि पंपों की बिजली पर बढ़ी हुई पूरी अतिरिक्त राशि का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
किसानों के जेब पर नहीं पड़ेगा एक भी पैसा
प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि कृषि कार्य के लिए बिजली (CG Electricity Tariff Hike) का उपयोग करने वाले किसानों पर इस वृद्धि का कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। कृषि पंपों के लिए बढ़ाई गई दरों का पूरा वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाएगा, जिससे किसानों को पुरानी दरों पर ही बिजली मिलती रहेगी।
समेकित रूप से केवल 6.23% की नाममात्र वृद्धि
पावर कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि विद्युत दरों (CG Electricity Tariff Hike) का निर्धारण पूरी तरह से ‘छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग’ द्वारा किया जाता है, जो कि एक स्वायत्त और स्वतंत्र नियामक संस्था है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में नए टैरिफ में समेकित (कंबाइंड) रूप से केवल 6.23 प्रतिशत की नाममात्र वृद्धि स्वीकृत की गई है, जो औसतन 42 पैसे प्रति यूनिट के समतुल्य है।
नए टैरिफ के तहत राज्य में औसत विद्युत आपूर्ति दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जबकि इसके मुकाबले गरीब और मध्यमवर्गीय घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा प्रभार के न्यूनतम स्लैब में महज 4.40 रुपये प्रति यूनिट की रियायती दर से बिजली की आपूर्ति की जावेगी।
CG Electricity Tariff Hike सोलर से कम करें अपना बिजली बिल
प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने उपभोक्ताओं को सलाह दी कि वे अपनी ग्रिड बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना‘ का लाभ उठाएं। इस योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर पैनल (रूफटॉप सोलर) लगवाने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि मासिक बिजली बिल में भी भारी बचत सुनिश्चित होगी।
नया टैरिफ और राहत के प्रमुख बिंदु
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औसत दर: नए टैरिफ में औसत विद्युत आपूर्ति दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
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न्यूनतम स्लैब: घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की आपूर्ति न्यूनतम 4.40 रुपये प्रति यूनिट से शुरू होगी।
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कुल वृद्धि: पिछले वर्ष की तुलना में समेकित रूप से 6.23 प्रतिशत (औसतन 42 पैसे प्रति यूनिट) की नाममात्र वृद्धि की गई है।
इन योजनाओं से मिलेगी उपभोक्ताओं को सुरक्षा
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बीपीएल उपभोक्ता (14.5 लाख): इन परिवारों को 30 यूनिट तक बिजली पूरी तरह निःशुल्क दी जा रही है, जिसका भुगतान सरकार कर रही है।
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मध्यम वर्ग (26.5 लाख): जिन परिवारों की खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत की भारी छूट पहले की तरह मिलती रहेगी।
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दरों में वृद्धि: घरेलू श्रेणियों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है, लेकिन ऊपर दी गई योजनाओं की प्रतिपूर्ति (Subsidy) के कारण उपभोक्ताओं को पूरी बढ़ी हुई दर नहीं देनी होगी।
बिजली दरों का गणित (एक नजर में) CG Electricity Tariff Hike
| श्रेणी | स्थिति | राहत का आधार |
| बीपीएल उपभोक्ता | 30 यूनिट तक फ्री | राज्य शासन द्वारा पूरा खर्च वहन |
| 400 यूनिट तक खपत वाले | 200 यूनिट तक 50% छूट | मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना |
| किसान | कोई वृद्धि नहीं | पूरी सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा |
| आम उपभोक्ता | 0 से 3.65% का ही असर | सब्सिडी के बाद का वास्तविक भार |