छत्तीसगढ़

Saria Tehsil Issue : प्यासी जनता और बजबजाते शौचालय, जनता के निशाने पर सरिया के नायब तहसीलदार!

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Sarangarh Bilaigarh News : सारंगढ़-बिलाइगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड (Saria Tehsil Issue) के अंतर्गत आने वाले नवीन तहसील कार्यालय सरिया में अव्यवस्था और प्रशासनिक निकम्मेपन का घड़ा अब पूरी तरह से भर चुका है। ‘सुशासन तिहार 2026’ के सरकारी शिविर में ग्राम पंचायत बोन्दा के ग्रामीण नितिन कुमार पाणिग्राही द्वारा सौंपे गए कड़े शिकायत पत्र ने क्षेत्र के राजस्व अमले की अमानवीय कार्यप्रणाली को पूरी तरह नंगा कर दिया है।

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़े कड़े घेरे में आ गए हैं सरिया (Saria Tehsil Issue) के तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू। एक तरफ जहां तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड रूम के लिए जनता पिछले 4 सालों से बरमकेला का चक्कर काट-काटकर बेदम हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ खुद कोमल प्रसाद साहू की नाक के नीचे चल रहे इस नए दफ्तर में आम जनता को पीने के लिए एक बूंद साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। दफ्तर के शौचालय और मूत्रालय गंदगी से इस कदर बजबजा रहे हैं कि वहां पैर रखना भी नरक जैसा अहसास कराता है।

समस्याओं से कब तक मोड़ेंगे मुंह साहब!

शर्मनाक बात यह है कि जब जनता बुनियादी सुविधाओं की कमी और बंद पड़े रिकार्ड रूम को लेकर त्रस्त है, तब तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू अपनी प्रशासनिक विफलता को छुपाने के लिए कूटनीतिक बयानों का सहारा ले रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने जनता के गुस्से से अपनी खाल बचाने के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह में शिफ्टिंग होने की संभावना है का एक बड़ा और खोखला लालीपाप थमा दिया है।

साहब से सीधा सवाल Saria Tehsil Issue 

जब पिछले 4 साल में रिकॉर्ड रूम सरिया नहीं आ सका, तो जुलाई के आखिरी हफ्ते में ऐसा कौन सा कड़ा चमत्कार होने वाला है?

क्या तहसीलदार साहब को अपने कार्यालय में आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों की प्यास और बजबजाते शौचालयों की यह घोर अमानवीय स्थिति दिखाई नहीं देती?

जनता के टैक्स के पैसे से वेतन उठाने वाले अधिकारी आखिर इस कदर संवेदनहीन और लापरवाह कैसे हो सकते हैं?

कड़े आंदोलन की सुगबुगाहट शुरू

इस शिकायत ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि सरिया (Saria Tehsil Issue) का राजस्व अमला और उसके मुखिया कोमल प्रसाद साहू सिर्फ एयर कंडीशनर कमरों में बैठकर फाइलों को दबाने का ढर्रा अपनाए हुए हैं। सुशासन तिहार के नाम पर जनता को सिर्फ कोरे आश्वासन और तारीखें बेची जा रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस खुलासे के बाद तहसीलदार कोमल प्रसाद साहू अपनी गहरी नींद से जागेंगे और कार्यालय में पीने के पानी व स्वच्छता का त्वरित निराकरण करेंगे? क्षेत्र की आक्रोशित जनता ने साफ चेतावनी दे दी है कि जुलाई के बाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर तय समय में रिकॉर्ड रूम शिफ्ट नहीं हुआ और दफ्तर के हालात नहीं सुधरे, तो अधिकारी को जनता के भीषण और आक्रामक आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।

 

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