छत्तीसगढ़

Mahtari Vandan e-KYC : 2.60 लाख महिलाओं ने अब तक नहीं कराई ई-केवाईसी, अब कार्यालय जाकर कराना होगा सत्यापन

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राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan e-KYC) के तहत हितग्राहियों के ई-केवाईसी का आज अंतिम दिन है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अब तक 62.69 लाख महिलाओं ने ई-केवाईसी करा लिया है, जो कुल लक्ष्य का करीब 96 प्रतिशत है। हालांकि अभी भी 2.60 लाख महिलाएं सत्यापन से वंचित हैं। आज 12 हजार से अधिक च्वाइस सेंटरों में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 1 जुलाई से 31 अगस्त तक सत्यापन केवल बाल विकास परियोजना कार्यालयों में किया जाएगा।

आज च्वाइस सेंटर में अंतिम मौका Mahtari Vandan e-KYC

विभाग के अनुसार जिन महिलाओं का आज तक ई-केवाईसी (Mahtari Vandan e-KYC) नहीं हो पाएगा, उन्हें आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी के साथ संबंधित बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंचना होगा। वहां 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ई-केवाईसी कराया जाएगा।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि दूसरे चरण में लगभग 65 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी लक्ष्य निर्धारित किया गया था। यह अभियान 1 अप्रैल 2026 से संचालित किया जा रहा है। इससे पहले पहले चरण में 4.18 लाख हितग्राहियों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें 3.75 लाख महिलाओं का सत्यापन पूरा किया गया था।

नाम और पहचान में अंतर मिला तो हो सकती है राशि होल्ड

विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस बार ई-केवाईसी (Mahtari Vandan e-KYC) के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। हितग्राहियों को अंगूठे के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। यदि आधार, बैंक खाते या अन्य दस्तावेजों में दर्ज नाम और वास्तविक पहचान में अंतर पाया जाता है तो संबंधित हितग्राही की योजना की राशि अस्थायी रूप से होल्ड की जा सकती है। इसलिए सभी दस्तावेजों का सही और अद्यतन होना जरूरी है।

बस्तर संभाग में सबसे अधिक महिलाएं अब भी सत्यापन से वंचित

विभागीय आंकड़ों के अनुसार रायपुर सहित अधिकांश जिलों में ई-केवाईसी (Mahtari Vandan e-KYC) की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन बस्तर संभाग के कई जिलों में जागरूकता की कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी सत्यापन नहीं करा सकी हैं।

इन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार निम्न श्रेणी की महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ नहीं मिलेगा—

  • आयकरदाता परिवारों की महिलाएं।
  • सरकारी कर्मचारी एवं पूर्व या वर्तमान सांसद-विधायक के परिवार।
  • सरकारी बोर्ड, निगम एवं आयोगों के पदाधिकारियों के परिवार।
  • छत्तीसगढ़ की स्थानीय निवासी नहीं होने वाली महिलाएं।
  • 1 जनवरी 2026 को 21 वर्ष से कम आयु की महिलाएं।

सर्वाधिक ई-केवाईसी वाले टॉप-5 जिले (29 जून 2026 तक)

जिला कुल हितग्राही वंचित पूर्ण (%)
कवर्धा 2,40,709 3,757 98.44%
राजनांदगांव 2,40,996 4,657 98.07%
रायगढ़ 2,81,115 5,497 98.05%
बालोद 2,37,874 4,930 97.93%
बलौदाबाजार 3,11,330 7,709 97.52%

बस्तर संभाग के पांच जिलों की स्थिति (29 जून 2026 तक)

जिला कुल हितग्राही वंचित पूर्ण (%)
बीजापुर 38,401 2,593 93.25%
बस्तर 1,73,520 15,644 90.98%
नारायणपुर 24,111 3,066 87.28%
दंतेवाड़ा 49,610 6,934 86.02%
सुकमा 40,754 6,846 83.20%

योजना से हर महीने मिलती है आर्थिक सहायता

 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan e-KYC) का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत पात्र विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से प्रति माह 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

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