Khad Token System Band : छत्तीसगढ़ सरकार ने टोकन व्यवस्था को किया समाप्त, अब किसानों को सीधे मिलेगी पर्याप्त खाद
Khad Token System Band राज्य सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं को बड़ी राहत देते हुए खाद वितरण में लागू टोकन व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। अब किसानों को किस्तों में खाद लेने की मजबूरी नहीं होगी, बल्कि उन्हें एकमुश्त पर्याप्त खाद मिलेगी। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद किसान अब सीधे सहकारी समितियों और निर्धारित केंद्रों पर जाकर अपनी आवश्यकता के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे। इस बड़े फैसले से प्रदेश के 40 लाख से अधिक किसानों ने राहत की सांस ली है। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से खरीफ सीजन के दौरान खाद वितरण प्रक्रिया और सरल, तेज व सुविधाजनक होगी, जिससे खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आएगी।
मीडिया की खबर पर सरकार ने लिया कड़ा संज्ञान
इससे पहले खाद वितरण को लेकर बनाई गई व्यवस्था के कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। पहले बड़े किसानों को तीन टोकन, मध्यम किसानों को दो टोकन और छोटे किसानों को केवल एक टोकन (Khad Token System Band) दिया जाता था। समय पर खाद न मिलने और किस्तों के इस फेरबदल के कारण किसानों में भारी रोष उत्पन्न हो गया था।
मीडिया ने किसानों की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए 8 जून 2026 को एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में उजागर किया गया था कि किस तरह किस्तों में खाद मिलने और इसके कारण बाजार में होने वाली कालाबाजारी से किसान परेशान हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस रिपोर्ट पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरी व्यवस्था को ही बदल दिया।
सरकार के पास पर्याप्त स्टाक Khad Token System Band
इस बड़े फैसले पर जानकारी देते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है, इसलिए किसानों को परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। इसी पर्याप्त स्टॉक को देखते हुए ही टोकन प्रणाली को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। अब किसानों को खाद लेने के लिए सोसायटियों में अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही बार-बार केंद्रों के चक्कर काटने होंगे। किसान भाई सीधे केंद्रों पर जाकर अपनी जरूरत की खाद (Khad Token System Band) उठा सकते हैं।
पहले टोकन की इस व्यवस्था से परेशान थे किसान
सीमांत किसान (ढाई एकड़ तक) : इन्हें निर्धारित यूरिया की मात्रा एकमुश्त दी जा रही थी।
लघु किसान (ढाई से पांच एकड़ तक) : इन्हें दो किश्तों में खाद दी जाती थी, जिसमें दूसरी किश्त पहली बार खाद लेने के 20 दिनों बाद मिलती थी।
बड़े किसान (पांच एकड़ से अधिक) : इन्हें तीन किश्तों में खाद बांटने का नियम था, जिसमें पहली और दूसरी किश्त के बीच 20-20 दिनों का लंबा अंतराल अनिवार्य किया गया था। इस खाद वितरण प्रणाली (Khad Token System Band) के खत्म होने से अब सभी वर्गों के किसानों को एक साथ पूरी खाद मिल सकेगी।