IMD North India Weather Update : आंधी-तूफान और बारिश का ‘रेड अलर्ट’, 100 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं!
Monsoon Arrival 2026 : क्या उत्तर और मध्य भारत को भट्टी की तरह तपा रही रिकॉर्डतोड़ लू का अंत होने जा रहा है? आसमान से बरसती आग और 48 डिग्री के टॉर्चर से बेहाल जनता के लिए मौसम विभाग से एक बेहद राहत भरी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम भारत में जारी भीषण और जानलेवा लू से बहुत जल्द बड़ी राहत मिलने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
मौसम के इस अचानक यू-टर्न ने दिल्ली से लेकर राजस्थान तक भारी हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि जहां कल तक सूरज की किरणें बदन झुलसा रही थीं, तहां अब आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का एक भयंकर सैलाब आने वाला है। सरकार और प्रशासन ने इस बड़े बदलाव को लेकर मैदानी अमले को हाई अलर्ट पर रहने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।
मौसम विभाग के ताजा और आक्रामक बुलेटिन के मुताबिक, 28 से 30 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों में अधिकतम तापमान में सीधे 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस बड़ी राहत के बीच एक सस्पेंस यह भी है कि राजस्थान, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ बेहद अंदरूनी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक सूरज के तेवर थोड़े कड़े बने रह सकते हैं। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तहाँ राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा रिकॉर्ड 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। पश्चिमी राजस्थान के अलावा पूरा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पूर्वी मध्य प्रदेश इस समय भीषणतम लू की चपेट में झुलस रहे हैं।
एक्टिव हुआ खतरनाक पश्चिमी विक्षोभ
मौसम वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि यह बड़ा बदलाव एक बेहद शक्तिशाली और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के साथ-साथ मजबूत मानसूनी प्रणालियों के टकराने की वजह से हो रहा है। इसके प्रभाव से 28 से 31 मई के बीच उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के एक बहुत बड़े हिस्से में भयंकर गरज-चमक के साथ आक्रामक बारिश होने का अनुमान है।
इस मौसमी सिस्टम का सबसे खतरनाक रूप पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में 28 और 29 मई को 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ चिन्हित स्थानों पर इन हवाओं की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे के खौफनाक स्तर को भी छू सकती है।
इस तेज बवंडर के साथ आसमान से भारी बिजली गिरने और ओले गिरने (ओलावृष्टि) का भी कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी तरफ, पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार सहित दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में मानसून की दस्तक के साथ ही मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है।
46 डिग्री से सीधे 34 डिग्री पर गिरेगा पारा!
देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत की यह खबर किसी वरदान से कम नहीं है। 28 मई की शाम से ही आसमान में आंशिक रूप से बादलों का डेरा जमा होना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद मौसम पूरी तरह से पलट जाएगा। दिल्ली के आसमान में हल्की से मध्यम बारिश, तेज गरज-चमक और करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली धूलभरी आंधियों का दौर शुरू होने का अनुमान लगाया गया है।
तापमान के मोर्चे पर जो गिरावट आ रही है, वह वाकई हैरान करने वाली है। इस बेहतरीन क्लाइमेट माडल (IMD North India Weather Update) के अनुसार, दिल्ली का जो अधिकतम तापमान पिछले कई दिनों से 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच हाहाकार मचा रहा था, वह 29 मई को गिरकर सीधे 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और 30 मई को महज 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट जाएगा। यानी दिल्लीवालों को सीधे-सीधे 10 डिग्री तक की भारी गिरावट के साथ एक सुखद और ठंडे मौसम का अहसास होने वाला है।
किसानों को फसलों को सहेजने का अल्टीमेटम
इस बड़ी राहत के साथ मौसम विभाग ने एक बेहद गंभीर और आक्रामक एडवाइजरी भी जारी की है। आईएमडी ने साफ कहा है कि 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और आकाशीय बिजली के कारण कमजोर मकानों, पेड़ों, साइनबोर्ड्स और बिजली के खंभों-लाइनों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने आम जनता से बेहद भावुक और सख्त अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे अपने घरों के अंदर ही सुरक्षित रहें, किसी भी सूरत में बड़े पेड़ों या कमजोर छज्जों के नीचे शरण न लें और बिजली के सभी महंगे उपकरणों को प्लग से निकालकर सुरक्षित कर लें।
इसके साथ ही, अन्नदाताओं के लिए भी एक कड़ा अलर्ट जारी किया गया है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे खेतों में खड़ी तैयार फसलों और मंडियों या खलिहानों में रखे कटे हुए कृषि उत्पादों को भीगने और बर्बाद होने से बचाने के लिए तुरंत किसी सुरक्षित या ढके हुए स्थान पर शिफ्ट कर दें। मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के नए हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ चुका है। अगले दो से तीन दिनों में पूरे देश में बारिश का दायरा बढ़ेगा, लेकिन स्थानीय स्तर पर अचानक आने वाली बाढ़, ओलावृष्टि और चक्रवाती हवाओं के खतरे को देखते हुए हर नागरिक को पूरी तरह सतर्क रहने की सख्त जरूरत है।



