Cage Wheel Ban : सड़कों पर केजव्हील वाले ट्रैक्टर दौड़ाए तो सीधे होगी गाड़ी जब्त, चालान भी कटेगा
Raigarh News : रायगढ़ जिला प्रशासन एवं परिवहन आयुक्त के निर्देशानुसार यातायात सुगम और सरल बनाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिले में सार्वजनिक सड़कों पर लोहे के रिंग अथवा दोहरे पिंजरे लगे ट्रैक्टरों के संचालन पर सख्ती बरती जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे ट्रैक्टर यदि सड़क, सीमेंट सड़क अथवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर संचालित होते पाए जाएं, तो उनके विरुद्ध यातायात नियमों (Cage Wheel Ban) के तहत तत्काल चालान, वाहन जब्ती एवं मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
लोहे के रिंग हटाकर ही करें संचालन
जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि ट्रैक्टरों में लगाए जाने वाले लोहे के रिंग अथवा दोहरे पिंजरे केवल कृषि कार्य, विशेषकर खेतों में उपयोग के लिए बनाए जाते हैं। इन्हें हटाए बिना सार्वजनिक मार्गों पर ट्रैक्टर चलाना परिवहन नियमों (Cage Wheel Ban) के पूरी तरह विपरीत है। ऐसे पहियों के कारण डामर और सीमेंट की सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं तथा अन्य वाहन चालकों के लिए सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बहुत बढ़ जाता है।
सड़कों पर चलेगा विशेष अभियान Cage Wheel Ban
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को विशेष जांच अभियान संचालित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके तहत उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर नियमित जांच की जाएगी। चेकिंग के दौरान यदि कोई भी लोहे के रिंग लगा ट्रैक्टर सड़क पर दौड़ता पाया गया, तो रायगढ़ परिवहन विभाग (Cage Wheel Ban) द्वारा गाड़ी को जब्त करने और भारी जुर्माना लगाने की तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
केवल रबर टायर वाले ट्रैक्टरों को ही मिलेगी अनुमति
रायगढ़ जिला प्रशासन ने जिले के सभी कृषकों एवं ट्रैक्टर मालिकों से अपील की है कि वे खेतों में कृषि कार्य समाप्त होने के बाद ट्रैक्टरों के पहियों से लोहे के रिंग एवं दोहरे पिंजरे अनिवार्य रूप से हटा दें। इसके बाद ही सार्वजनिक सड़कों पर केवल रबर टायर वाले ट्रैक्टरों का संचालन करें। अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा गया है कि सड़क सुरक्षा (Cage Wheel Ban) एवं सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध किसी भी तरह की ढिलाई न बरतते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।