Chhattisgarh ACB EOW Dsp Posting : घोटालों की जांच को मिलेगी रफ्तार, ACB/EOW में 10 डीएसपी की पदस्थापना
प्रदेश में हुए कोयला लेवी, शराब घोटाला और अन्य आर्थिक (Chhattisgarh ACB EOW Dsp Posting) अपराधों की जांच को गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने तबादला किया है। 10 पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) को राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), रायपुर में पदस्थ किया है। आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी इस निर्णय के तहत प्रदेश के विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को एसीबी/ईओडब्ल्यू में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हाल के दिनों में शराब घोटाला, कोयला लेवी घोटाला, डीएमएफ, पीडीएस, भर्ती और अन्य आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच तेज हुई है। ऐसे में जांच एजेंसी की टीम को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह फैसला माना जा रहा है। अधिकारियों की संख्या बढ़ने से लंबित मामलों की जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
बड़े आर्थिक अपराधों की जांच को मिलेगी मजबूती
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो प्रदेश में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच करती है। वर्तमान में कई महत्वपूर्ण प्रकरणों की जांच चल रही है। इनमें दस्तावेजों की पड़ताल, आरोपितों से पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं।
एसीबी और ईओडब्ल्यू में नई पदस्थापना से जांच टीमों को अतिरिक्त अधिकारी मिलेंगे। इससे अलग-अलग मामलों की जांच को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। (Chhattisgarh ACB EOW Dsp Posting) के तहत की गई यह कार्रवाई जांच एजेंसी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के मुताबिक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश कुमार गौतम (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) सहित डीएसपी सिद्धांत तिवारी, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, मंजुलता राठौर, राजेश कुमार झा, दीपमाला कुर्रे, मोनिका श्याम, रोशन आहुजा, रविकांत सहारे और एलेक्जेंडर किरो को प्रतिनियुक्ति पर रायपुर में पदस्थ (Chhattisgarh ACB EOW Dsp Posting) किया गया है।
इन अधिकारियों को अब एसीबी/ईओडब्ल्यू में आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों की जांच और अन्य जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। अलग-अलग जिलों और पुलिस इकाइयों से आए इन अधिकारियों के अनुभव का लाभ जांच एजेंसी को मिलेगा।
कोयला, शराब घोटाले समेत कई मामलों की जांच जारी
प्रदेश में कोयला लेवी वसूली, शराब घोटाला, जिला खनिज न्यास (DMF), पीडीएस और भर्ती से जुड़े मामलों की जांच विभिन्न स्तरों पर चल रही है। इन मामलों में दस्तावेजों की जांच से लेकर संबंधित लोगों से पूछताछ तक की प्रक्रिया जारी है।
जांच का दायरा बढ़ने और नए मामलों की जिम्मेदारी आने के कारण एसीबी/ईओडब्ल्यू में अतिरिक्त अधिकारियों की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी को देखते हुए सरकार ने यह पदस्थापना की है।
जांच प्रक्रिया में आएगी तेजी Chhattisgarh ACB EOW Dsp Posting
नई नियुक्तियों के बाद एसीबी और ईओडब्ल्यू की कार्यक्षमता बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ने से लंबित प्रकरणों की समीक्षा, साक्ष्य जुटाने और जांच रिपोर्ट तैयार करने में तेजी आएगी।
सरकार की ओर से आर्थिक अपराधों पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है। (Chhattisgarh ACB EOW Dsp Posting) के जरिए जांच एजेंसी की क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया गया है, ताकि बड़े मामलों की जांच प्रभावी तरीके से आगे बढ़ सके।