PM Surya Ghar Yojana Scam : PM सूर्य घर योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! वेंडर की मनमानी से किसान परेशान, EMI और बिजली बिल दोनों का बोझ
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) के तहत मुफ्त बिजली का सपना दिखाकर एक किसान को लाखों रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा देने का मामला सामने आया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम गौरडीह निवासी भीमसेन पटेल ने आरोप लगाया है कि योजना के अधिकृत वेंडर ने बैंक से मिली 1.50 लाख रुपये की पूरी राशि लेने के बाद सोलर प्लांट नहीं लगाया और अब फरार हो गया है। हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं कर सके हैं। नतीजा यह है कि किसान एक ओर बैंक की EMI भर रहा है तो दूसरी ओर बिजली बिल भी चुका रहा है।
मुफ्त बिजली के नाम पर कर्ज का जाल
भीमसेन पटेल ने बताया कि 2 मई 2026 को उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) के तहत राहुल अग्रवाल (रूफटॉप सोलर सॉल्यूशन) के माध्यम से आवेदन किया था। बैंक से स्वीकृत 1,50,000 रुपये सीधे वेंडर के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। लेकिन एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो सोलर पैनल लगाया गया और न ही कोई काम शुरू हुआ।
शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत
वेंडर की लापरवाही से परेशान होकर भीमसेन ने 9 जून 2026 को CSPDCL बरमकेला के सहायक अभियंता को लिखित शिकायत सौंपते हुए वेंडर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, ब्लैकलिस्ट करने और बैंक की EMI रोकने की मांग की। लेकिन शिकायत के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली।
आधा-अधूरा सामान डालकर फिर गायब हुआ वेंडर
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के बाद विभागीय दबाव बढ़ने पर वेंडर ने कुछ सामान घर पहुंचाकर औपचारिकता पूरी कर दी, लेकिन इंस्टॉलेशन का काम अधूरा छोड़कर फिर फरार हो गया। आज तक न तो सोलर सिस्टम चालू हुआ और न ही घर में एक यूनिट बिजली का उत्पादन शुरू हो सका।
EMI भी भर रहे, बिजली बिल भी चुका रहे
भीमसेन पटेल का कहना है कि सरकार ने मुफ्त बिजली का सपना दिखाया, लेकिन अब उन्हें हर महीने बैंक की EMI भी भरनी पड़ रही है और बिजली विभाग का नियमित बिल भी जमा करना पड़ रहा है। जिस योजना से राहत मिलने की उम्मीद थी, वही अब आर्थिक संकट का कारण बन गई है।
बिजली विभाग पर भी उठे सवाल PM Surya Ghar Yojana Scam
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि शिकायत मिलने के बाद CSPDCL ने वेंडर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय केवल कुछ सामान गिरवाकर हितग्राही से दस्तखत करा लिए। इसके बाद विभाग ने मानो अपनी जिम्मेदारी पूरी मानते हुए फाइल बंद कर दी। जबकि मौके पर सोलर प्लांट आज भी अधूरा है और वेंडर का कोई पता नहीं है।
क्या सिर्फ कागजों में पूरी हो रही योजना?
इस पूरे मामले ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि अधिकृत वेंडर बैंक से पूरी राशि लेने के बाद भी काम अधूरा छोड़कर फरार हो जाते हैं और विभाग कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति करता है, तो इसका खामियाजा सीधे गरीब और किसान परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
किसानों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और पीड़ित किसान ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी वेंडर के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए, हितग्राही की बैंक EMI रोकी जाए, अधूरा कार्य तत्काल पूरा कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी सार्वजनिक की जाए।