Pusour Land Fraud Case : पंचायत सचिव निकला जमीन घोटाले का मास्टरमाइंड, 27 लाख लेकर दो साल तक करता रहा गुमराह, आखिर पहुंचा जेल
Pusour Land Fraud Case : रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र में पंचायत सचिव भीचरण पटेल पर 27 लाख रुपये की जमीन ठगी का आरोप सिद्ध होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने अपनी नहीं होने वाली जमीन बेचने का सौदा कर किसान से लाखों रुपये वसूले और दो साल तक रजिस्ट्री के नाम पर गुमराह करता रहा। जांच में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई की।
Raigarh News : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ पुलिस द्वारा भूमाफियाओं और जमीन धोखाधड़ी (Pusour Land Fraud Case) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुसौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुसौर थाना प्रभारी हर्षवर्धन बैस की टीम ने एक ऐसे पंचायत सचिव को गिरफ्तार किया है, जिसने दोस्ती और विश्वास का फायदा उठाकर किसान से 27 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
दोस्ती का फायदा उठाकर किया लाखों का खेल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार लिंजिर निवासी किसान इंद्रजीत वर्मा और बघनपुर निवासी पंचायत सचिव भीचरण पटेल के बीच वर्षों पुरानी मित्रता थी। इसी भरोसे का लाभ उठाते हुए आरोपी ने कोडातराई क्षेत्र में स्थित 0.1050 हेक्टेयर भूमि को अपनी बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया।
बताया गया कि 16 सितंबर 2022 को 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर इकरारनामा तैयार किया गया, जिसके बाद किसान इंद्रजीत वर्मा ने आरोपी को 27 लाख रुपये नकद दे दिए। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने जमीन से संबंधित दस्तावेज और किसान किताब भी दिखाई।
दो साल तक रजिस्ट्री के नाम पर करता रहा बहानेबाजी
राशि लेने के बाद आरोपी लगातार रजिस्ट्री (Pusour Land Fraud Case) कराने का आश्वासन देता रहा। कभी नामांतरण की प्रक्रिया लंबित होने तो कभी अधिकारियों की अनुपलब्धता का हवाला देकर किसान को टालता रहा। करीब दो वर्षों तक इसी तरह बहानेबाजी चलती रही।
जब शिकायतकर्ता को संदेह हुआ तो उसने तहसील कार्यालय में जमीन की जानकारी निकलवाई। जांच में पता चला कि जिस खसरा नंबर 1021/2 की भूमि का सौदा किया गया था, वह आरोपी के नाम पर दर्ज ही नहीं थी, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति की संपत्ति थी।
Pusour Land Fraud Case चेक देकर भी किया धोखा
मामला सामने आने के बाद किसान (Pusour Land Fraud Case) ने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर आरोपी ने समझौते का प्रयास करते हुए 5 लाख रुपये का एक चेक और 11-11 लाख रुपये के दो अन्य चेक दिए। लेकिन तीनों चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गए। इसके बाद जनवरी 2025 में आरोपी ने केवल 1 लाख रुपये लौटाए और शेष राशि जल्द वापस करने का आश्वासन देता रहा, लेकिन रकम नहीं लौटाई।
पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला
लगातार ठगे जाने के बाद किसान ने 5 जून 2026 को थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पंचायत सचिव भीचरण पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
थाना प्रभारी हर्षवर्धन बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
भूमाफियाओं पर लगातार कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन संबंधी धोखाधड़ी और अवैध कब्जों के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। आम नागरिकों से भी किसी प्रकार के भूमि सौदे से पहले दस्तावेजों की विधिवत जांच कराने और सत्यापन के बाद ही लेन-देन करने की अपील की गई है।